Best 124+ उम्मीद और भरोसा शायरी | Bharosa or Umeed Shayari in Hindi

क्या आप भी उम्मीद और भरोसा शायरी ढूंढ रहे है तो आप एकदम सही जगह पर है। यहाँ आपको दिल को छू जाने वाली शायरी मिलेगी जो न सिर्फ आपके जज़्बातों को बयान करेगी, बल्कि आपके अंदर नई हिम्मत और विश्वास भी जगाएगी।

भरोसा और उम्मीद, ये दो ऐसे एहसास हैं जो हमारी हर मुश्किल को आसान बना सकते हैं। जब सब कुछ टूटता हुआ नजर आता है, तब यही उम्मीद हमें संभालती है और भरोसा हमें गिरने नहीं देता।

उम्मीद और भरोसा शायरी

उम्मीद और भरोसा शायरी
Bharosa or Umeed Shayari

इन उम्मीद और भरोसा शायरी के जरिए आप अपने दिल की बात भी कह पाएंगे और दूसरों को भी हौसला दे पाएंगे। चाहे प्यार हो, दोस्ती हो या जिंदगी की जंग हर जगह उम्मीद और भरोसे की अपनी खास अहमियत होती है।

भरोसा और उम्मीद जितनी,
खुद से करो उतना बेहतर हैं।

अगर आप में उम्मीद और हौसला है,
तो हर मंज़िल पार कर सकते है।

उम्मीद और भरोसा कभी गलत नहीं होते,
बस यह हम पर निर्भर करता है कि,
हमने किस पर उम्मीद की किस पर भरोसा।

दिल इतना जख्मी हो गया है की,
किसी पर भरोसा करना तो दूर,
भरोसे के नाम से भी डर लगता है।

भरोसा तोड़ने वाले के लिए बस यही,
एक सज़ा काफ़ी है उसको ज़िन्दगी,
भर के लिए ख़ामोशी तोहफ़े में दे।

सभी से प्रेम करो कुछ पर भरोसा करो,
किसी के साथ गलत मत करो।

हम खुद से दोस्ती करने में भरोसा करते हैं,
लोगों का क्या पता कब साथ छोड़ जाए।

भरोसा जितना कीमती होता है,
धोखा उतना ही महँगा हो जाता है।

क्यो भरोसा करू किसी और पर,
जब खुद की आखे खुद को धोखा दे।

ना रुक ना झुक,रख भरोसा बस चलता जा,
मंज़िल ना मिले तब तक बस बढ़ता जा।

फिक्र मत कर बंदे भरोसा तुम पर अपार है,
लिखने वाले ने लिख दिया तकदीर तेरे साथ है।

मेरा नाम ही काफ़ी है तेरी महफ़िल में,
हम खुद आ गए तो तुम दीवाने हो जाओगे।

जैसे भी जी रहे हैं अपने हाल पर,
भरोसा रखें सिर्फ महाकाल पर।

टूटी चीजें हमेशा परेशान करती है,
जैसे दिल, नींद, भरोसा और,
सबसे ज्यादा किसी से उम्मीद।

हर बार समझदारी की उम्मीद,
मुझसे ही क्यों अब तुमको भी मेरे,
भरोसे पर खरा उतरना होगा।

किसी के मन में विश्वास बनाने,
के लिए उम्र बीत जाती है,
लेकिन विश्वास तोड़ने के लिए,
एक झूठ काफी होता है।

उम्मीद शायरी इन हिंदी

उम्मीद ही वो सहारा होती है, जिसके सहारे हम जिंदगी के बड़े से बड़े दुख को भी भूलने की कोशिश करते हैं और आगे बढ़ने की ताकत जुटाते हैं।

यही उम्मीद हमें गिरकर फिर से उठना सिखाती है और जीने का हौसला देती है। तो आइए, आज पढ़ते हैं उम्मीद पर लिखी कुछ शायरियाँ

उम्मीद पर यूँ पानी ना फिराओ,
हम जगे हुए है, यूँ रात को ना सुलाओ।

ना किसी से दिल ना उम्मीद लगानी है,
खुद के रस्ते बनाने है खुद की मंजिल बनानी है।

उम्मीद से बेहतर जीवन में कोई सहारा नहीं,
खुद पर विश्वास रख दूसरे का कोइ इशारा नहीं।

तुम मेरी वो उम्मीद हो,
जिस पर मेरी पूरी ज़िंदगी टिकी हुई है।

किसी से उम्मीद न रखो शायरी

उम्मीद रखनी छोड़ दी अब मेने,
लोगो ने निराश बहुत कर दिया।

यहां उम्मीद बस खुद से होनी चाहिए,
क्योंकि खुद के पास खुद रहते हैं,
और हमारा मन हमें धोखा नहीं देता।

बिच दरिया में साथ छोड़ देते है लोग,
उम्मीद को एक पल में तोड़ देते है लोग।

उम्मीद टूटने पर शायरी

जब हमारी उम्मीदें टूटती हैं, तो इंसान अंदर से पूरी तरह बिखर जाता है। ऐसा लगता है जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो और आगे बढ़ने की कोई राह नहीं बची।

अगर आप भी इस दर्द से गुजर रहे हैं और आपकी उम्मीदें कहीं खो गई हैं, तो ये शायरियाँ आपके दिल के जज़्बातों को बयां करने में आपकी मदद कर सकती हैं।

उम्मीदों की तोड़ी चुपके से,
दिल में खामोशी बसी।

उम्मीद टूटने पर दिल को बहुत
दर्द होता है फिर भी लड़ते रहना है।

जब उम्मीदें टूटती हैं तो खुद
को संभालने का वक्त आता है।

जब उम्मीदें टूटती हैं,
दिल में सन्नाटा हो जाता है।

भरोसा तोड़ने वाली शायरी

भरोसा टूटना सबसे गहरा दर्द देता है, क्योंकि यह सिर्फ रिश्ते ही नहीं बल्कि दिल को भी तोड़ देता है। जब कोई अपना ही भरोसा तोड़ता है, तो इंसान अंदर से खाली सा महसूस करने लगता है। ऐसी शायरी उन जज़्बातों को बयां करती है, जो शब्दों में कहना मुश्किल होता है।

पता नहीं क्यों डरते हैं लोग दूसरों से,
जबकि भरोसा हमेशा अपने ही तोड़ते हैं।

मैं इसलिए परेशान नहीं हूँ कि तुमने,
मुझसे झूठ कहा बल्कि मैं इसलिए परेशान हूँ,
कि मैं अब से तुम पर भरोसा नहीं कर सकूंगा।

किसी का विशवास जीतने में ज़िन्दगी,
लग जाती है हारने के लिए एक पल ही काफी होता है।

हममें से कोई नहीं जानता कि अगले पल क्या होगा,
फिर भी हम आगे बढ़ते हैं क्योंकि हम भरोसा करते हैं।

दुख इस बात का नहीं कि,
तुम्हारा साथ छूट गया,
अफसोस इस बात का है कि,
हमारा विश्वास टुब गया।

प्यार और विश्वास कभी मत खोना,
क्योंकि प्यार हर किसी से नहीं होता,
और विश्वास हर किसी पर नहीं होता।

अगर तुम खुद से ज्यादा किसी पर विश्वास,
करते हो, तो तुम धोखा खाने के लिए भी तैयार रहो।

भरोसा कर लिया है उन,
अधूरे ख्वाब पर जो तेरे साथ देखे थे।

भरोसे जीतने में साल लगते है हारने में कुछ,
पल लगते हैं और दोबारा बनाने में पूरी,
ज़िन्दगी लग जाती है।

भरोसा बस तू खुद पर और खुदा पर,
कर फिर देख ऐसी कोई मंज़िल नहीं,
होगी जहाँ तेरा आशियाना नहीं होगा।

निष्कर्ष

उम्मीद और भरोसा जिंदगी के वो मजबूत सहारे हैं, जो हमें हर मुश्किल वक्त में संभालते हैं। जब हालात हमारे खिलाफ होते हैं और रास्ते साफ नजर नहीं आते, तब यही उम्मीद हमें आगे बढ़ने की हिम्मत देती है और भरोसा हमें टूटने नहीं देता।

इन्हीं के सहारे इंसान हर दर्द को सहकर भी आगे बढ़ता है और एक नई शुरुआत की ओर कदम बढ़ाता है।

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